India-Pak Match | Punjab Relief Fund Controversy | Rahul’s Punjab Visit | Soldiers’ Safety Issues

September 15, 2025 00:24:43
India-Pak Match | Punjab Relief Fund Controversy | Rahul’s Punjab Visit | Soldiers’ Safety Issues
Connect Newsroom
India-Pak Match | Punjab Relief Fund Controversy | Rahul’s Punjab Visit | Soldiers’ Safety Issues

Sep 15 2025 | 00:24:43

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Show Notes

Stay informed about Punjab's political scene by tuning into Khabarnama on Connect Newsroom. Hosts Vijay Saini and Deepak Sharma Chanarthal lead engaging discussions and provide in-depth analysis of the latest political developments.

Today’s top headlines: Debate over India–Pakistan match and restrictions on Jathas, questions on who is collecting money in Punjab’s name for the PM Relief Fund, Rahul Gandhi’s Punjab visit sparking new controversies, claims of unemployment ending in Punjab, and growing concerns as honoring soldiers on mission becomes a security threat.

Stay tuned for all the latest updates and analysis. Hosted at Connect FM – Don’t forget to like, share, and subscribe for sharp and clear updates on Punjab’s political and cultural headlines. Tune in for detailed coverage with facts, analysis, and on-ground voices.

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Episode Transcript

[00:00:00] Speaker A: दीपक जी बहुत स्वागत है तुआड़ा सत्स्रियकाल. [00:00:02] Speaker B: जी सत्स्रियकाल बीज़े जी सारे दर्शकानों स्रोत्यानों. [00:00:04] Speaker A: प्यारपारी सत्स्रियकाल दीपक जी एशिया कप दे विच इंडिया थे पाकिस्तान दा मैच होया इर दे उपर लेके काफी टिका टिपनें भी हुंदी �. [00:00:20] Speaker B: बित्कुल जदों पहलगाम हमला हुन्दा है उसतो बाद पारश सरकार बलों इस पस दंप रहे जानदा है कि अहुन पाकिस्ताना कोई रिस्ता नहीं रखना ना खेड़दा, ना तरनदा, ना बपारदा, ना पानियांदा से सारे रिस्ते तोड़ते जी उसतो बाद पानी दी � इता जी बारले मुर्ख छे जी इता जी एक खेड पाबना है जी इता जी उदे विच बदान च बज़े हैं जी उस काफ़ेच जी इसा ले रहे हैं जी इसलिए सनो किटना पड़ना है जी किनियां गलना हैं जी पिर सरकारां दे नमेंदे भी आनों जस्टिफाई कर दे नजरा� उन एस सब दे दर्मियान इदर मैच आली गल चल रही थी उदर पंजाप सेने बखबक सुबेयानों पारे सरकार बलो चिठीयां गडीयां गईंजा के जी पहली पाँशाई शरी गुर्णानकु देब जी दे परकाशपुरम मौके इस बार गुर्बपुरम ते उते नुम ते एस कम लेने आज पंजाब दे मुखमंतरी पगवांतमा ने एसे मुद्दे दे अधार बना के प्रेस कॉंपेंस कीती हुँ वो कहने भी कह रहेने के खेड़ बहुत जरूरी है पर मैं पुछता है के केड़ी मजबूरी है कहते हैं उनने चंगे रगडे लागे हो कहने भी मै वो कहेंदे भी पाकिस्तान नो जेड़ा भी अदा हो रहा पैसा परसरकार उदी गरंटी करती है के पैसा खटारीयां दे कनाँचे जागूगा थोड़े खलाफ नहीं बरते जागूगा नशे दे लिए, चिट्टे दे लिए, इत्यारत दे लिए की बता कहेंदे इद एसे चीज़ बड़ी प्राप्ति में जो दसे आ जा रहा है कि देखो जी पार्थी टीम ने हत नहीं मिला है। जदों के मैं सुरेश रेरानों सुर रहा थी, वो कहेंदे भी कि पार्थी टीम खेड़ना ही नहीं चाहूंदी सी। वो कंट्रक्ट दे चल्दें मजबूरी बैसोन उन दूसरे पासे पाकिस्तान ने श्कैत कीती है खडारीयां दे बभ्यार नू लेके पार्थ देनू ते जी नाले उनने करती श्कैत के जी रैफरी भी मिले आये ने हत नहीं मिलवाया इसलिए असी तां एशिया कापे छड़ देने है मतलब जे वो एशिया कापे छड़ देने जिनने पहले गांदे में आई जान है, को उन्हां परवारानों कुछ ले के हाँ तुरु मैंच करोने ते कोई तराजता नहीं किया। हुँन रास्तुरबाद, देशपक्ती, हुन कुछ नहीं किया। दूसरे पसे। जदों पहला लड़ाइन्या लगी हैं पाकिस्सा नाल, कार दूसरी गाल, तुसी जिना बारे फैंसला ले रहे हों, किंदर सरकार जबाब दबे इस गलता, कि तुसी जेड़े पाहीचारे बारे फैंसला ले रहे हों, कि तुसी उनानु, उनादिया नुमेदा जथे बंदियानु, तार्मक संस्तामानु, दिल्ली गुर्� तुसी हुकम देता के नहीं जी मतलब थोड़ा मनना है तो बपार भी नहीं होगा थोड़ा मनना है तो जथा भी नहीं होगा है उतराले केंदे हसी लांगा भी खोलनी बैठे हैं लांगा भी नहीं खोलना है करतार पुरसाबला ते लोड होगी था मैच करामा के ते मुखमत तो एक पासे यह मने आ जा रहा है कि जदों जंग लगी चार दिन दी तद पंजाब दे बिच अमन दी गर्ल हुई, शांती दी गर्ल हुई, सांज दी गर्ल हुई ते की ओतो तकलीब जा? बी सो बी की आजडा किसानों दुलन सी ओतो उखेने? पंजाब दे इस जजबे तो उ� दूसरे पासे तुहाड़े केंडर दे इना फैंसले नाड़ा जे बीजेपी चब कहेंदे कहो दे सिख लीडर बैठे ने की उनना दी अनि हिमत नहीं हो मोदी नू मित्शा नू ही दासकन के पाई तुहाड़े इना गलत फैंसलें करके बेगानगी दी एक अंदर पावना पैद मतलू के जे आपा लोगसंतरक मुलक उठे कटगंतियां दा परुसा जितना पहली पहल कदमी होनी चाहिए दिया तुवारी दा ते एभी तुवारे अंदर है नीगा जदों जिरी तर जाना चाहूंदी है आते उद्धर आले हैं बलो कोई तराज नहीं है इननेने बीदे देने हैं फिर तुसीं क्यों करते होगी फिर इस गलते हाजब किसे नुक्ते थे केंदर सरकारण त्यार नहीं हाजब मुखमंतरी साहब ने भी स्वालखड़े कीते ने स्�. [00:06:03] Speaker A: अच्छा दीपक जी देखो पिछले दिनांच ऐसी गल कर दे आए हैं के पिंजाव दे विज़ जो हर पीटनां दी मदद वास्ते तनराशिय 71 कीती जानी हैं ते इस गल तो बड़ा सतर्क रहने दी लोड़ा है लोकी भी इस चीज़नु लेके बड़े मांदे विच सवाल हु अच्छे दुनिया दे विच समे समे ते देखने मिला है जदों किते कोई इस तुरांदी बिप्ता पेंदी आता कोई ना कुछ थगने ओभी ओ सरगर्म हो जानते ने जी लोकानों इदां वर्ग लाउन दे लिए हुँ की पंजाब दे विच भी हो रहा है के परदानमंतरी रहत. [00:06:57] Speaker B: पंजाब दे फिकर मंद जमात तो दसबंद दे रूप च आपा कनेक्ट आफ्म दे रहीं भी सेवा ही अपने पुर। जड़ी अपनी टीम ने त्रासल दे जाके काम करना जड़ी संस्ता दे रहीं काम करना ता अपनी कोशिश दिया के पाई पाई दा साबस पस पर्दान मंतरी निरेंदर मोदी जी पंजाव है, उन्हां दे मंतरी स्थिती देख के गए, उन्हां दे टीम देख के गई, उन्हां खुद देख के गए ते जान लग गया हैं सोलांसो क्रोड़ दाओ अलान कर गए, सोलांसो क्रोड़ आज आया नहीं, आज एलान है पर आज मुख मंतरी पगवानतमान हुराने वेशाग प्रेस कौनफल चो एक गल ठी करके मुख मंतरी अली फिर दस तोड़ के सनानते ने फिर एक मुख कल ते आ जानते ने पर जड़ी मुख कल हसी वो नहीं चट सकते मुख कल ता मुख कल है हुरानाज एक मुख कल बारी के अं उस जड़ा जड़ा इंडिया चेप्टर है पार्थ चेप्टर है उदे विच पर्दान मंतरी रलीप फंड दे लई पैसे मंगे गया जी कि इते ते पंजाब दे ली दान करो पहली गलता भी जी तुसी रास्त्री आफ़दा नहीं लाने हैं पंजाब दे सहरान हम पहले दिन जे तुसी मंगने हैं, तुसी CM Relief Fund च मंगालो। तुसी Punjab Relief Fund च मंगालो। दुझी गालू। जे केंडर सरकारने मंगने हैं, परदान मंतरी राथ फंडले ही मंगने हैं, फिर उतराखंडरी भी है की जी उस्तिति, फिर तह हुण ताजिसीत हमाचल च भी आई है, जमुकश्मी पंजाप दे लोकां दी गंती, मिर्तकां दी गंती, पिंडां दी गंती, बकैदा नाल पाई है। वो साला कुछ पाके तुसी क्यों मंग रहे हैं जी? की तुनों ए लगता है के पंजाप दे परती, दुनिया पर दे बीच सिमती है पंजापियां दे परती, उनांदा शिंग जे देंच कोई फंड आ रहे है, किन्ना आ रहे है, कीनों दस रहे हैं। सोलांसो करोडे इत्से भी पुरा करके देना थानू के ए ए बखरा देना है। किसें दस दिया। जे यहता अलां करके जानते तुसी कि हां मैं भी वो भी आओगा मैं वो भी पेज रहा है, सी वो भी क� पर्दान मंतरी राथ फंड फिर भी अदकारक फंड है सरकारी तोरते उदे बिच ता ओरेडी पहलें तो किना फंड भी आगूब फेर तुसी करोना काल दे बिच PM CARE फंड बनाया ते उदे बिच पर्दान मंतरी, मंतरी ते कुछ होर नमें दे पाए ते उन्होंनों कह जी ए जे तुसी एक प्राइबेट सरकार रहने एक प्राइबेट फंड क्रेट करके कर रहे हो तुम्हारे लिए वो सवाल वो समय दा खड़ा है ते हाँ तुसी इना दिनाँच पिंजाब दे नाँते मांग रहे हो की मतलप मत समझी है जी फिरे दा ए सरकारी ठकी है जहां तुसी � तरीकाकार शंके पेला कर रहे हैं कि ये फंड किठे लगूगा, किमे लगूगा, लगूगा के नहीं लगूगा, दसोंगे के नहीं दसोंगे, किन्ना आया, किठों किठों आया, किठे किठे देना, इदे बारे कोई सपस्ता नहीं है तो इसलिए आजे ता पा सोड़ा सो करोड, बारा अजार करोड हैना उना अलान नामियां दे विच साथ चूट सती के आँ नमा, मोदी सरकार ने का नमा टास्क मूरे रखता के जी इदा भी साब लेना पोगा।. [00:11:40] Speaker A: च दीपक जी, राहूल गांदी दी पंजाब फे दी नवे सवाल. [00:11:55] Speaker B: वो आके पहले तो ही कहेंदा के मैं कोई स्यासत कर नहीं आया, ओसे तरीका करना नहीं। इनने तो भी कहना सीखा के मेरी फेरी स्यासी फेरी नहीं है, मैं तो हर पीरत लोकां ना दुख बनाओना है। हुँुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुु� उन्हों दे विच उन्होंने पहल कदमी कीती के जी मैं मीडिया तो दूर रहना। मतलब कोई बाइटर नहीं, कोई ब्यान नहीं, कोई पाशन नहीं। वो उतरे ते जी अलाके च गए, अमरसार खेतर च गए ते फेर तरं तरं खेतर जी, गुर्दासपूर खेतर जीना खेतर मुन पहले ता जी अथे कसमान पह गया हूँ के जी कांगरसी नु जी स्रोपाव देता जी उन्हें जी बिसी पज्जी भर रही है उन देन तो बाद पता लगे जाते कि ता देता सी उन इदे ते कसमान पहना की ने देता जी क्यों देता जी की ता एक बखरा मसला खड़ा हो गय एक हत ते रोटी रखे परशादा रखे शकन वालिया पोर्टवानने बहुत मुद्धा पना है। की पतरकार, की कलाकार, की मुखमंतरी सारे हैंदी हैंना खासियां चली हैं कम। मतलब हसी भी जब तो जानते थी जब तोसी पूरा दिन उठे हडाने बिच्चों हैना ता एक ते हुण जी ओसे प्रक्रियात आत शाक रहे हो फिर ता कोई दिक्कत नहीं जी पंगाच, संगाच बैट के किते भी शाक रहे हो पर जे तुसी अच्छा रील बना रहे हो, फोटो खुचवा रहे हो, फिर उपोस्ट भी कर रहे हो ता फिर तौड़ी मनशा हो रहे हूं तो एसन جڑہ اہم پہلو سی وہ سی کہ میڈیاں نوں بیان نہیں دینا بیناں بیان دیتے ہیں بھی کچھ کیا جا سکتا ہے یہ نکتہ بکھرہ سے ते एसारे हड़पीड तानु मिल देहां वो राभी दे पार जा राभी दे दर्यावं दे जड़े नाल लग दे पिंटने साथे जड़े खिसरना पुरी तरह जड़े कटे होएने ते जड़े बार्डर ते लग देने जितो कहेंदेने तार तुटकी जी सारा गुसो हुआ ते पर पुलस परशाषन ने उन राहुद गांधी नु किस्तिया नहीं उठे जानदी जाती थी कि यो खतर है वो कहने दे भी आपने मुलक चे ये खतर है ते तुसी आपने सुबे चे सरक्खिया नहीं दे सकते मेनु फिर मतलू की है तोर कि ये राज्मीक से तो प्रेड़ता ह उन एस ते उते सब दी नजरे है कि राहुन गंधी अथी ता कुछ नहीं बोलके गए। उनकी दिली जाके कुछ बोलेंगे कि वो कहेंगे कि मसला एड़ा बड़ा सिती एधनी गमीर है सोलां सोली सोलां जार क्रोड देओ कि वो केंदर नु कहेंगे कि वो अपनी सुब्बेदी जो मरजी हो बे स्यासी व्यक्ती नार जदो आओंडा है ता वो अपनी सेवा दे नार नर स्यासत भी देख के जानदा. [00:16:02] Speaker A: दीपक जी जदों कदे कोई आंकडे वेगरा उंदेने या कोई जहां बियान दिता जानदा कोई भारी कोशा हैं हुंदी है ने वे लोकानों जेही तस्वीर दिखाओ जोड़ी जमीनी हकीकत तो बड़ी वखरी हुंदी है. [00:16:32] Speaker B: सारा शहरी बेरुजगार लगदा है जदों किते नौकरी दा इस्तिहार लगदा है विल्कुल जी जड़ा तुसी स्वाल कर रहे हो विल्कुल थोड़ा सही है जे इना अंकडें ते जामो स्तिती ते जामो ता पंजाब दे विच बेरुजगारी नांदी कोई चीज नहीं है पं ते बेरुज़गारानु फिर बेरुज़गारी पता मिल जा है। पंजाब छ इक बन्दा सर्प जिनु बेरुज़गारी पता मिल जा है। सर्प इक बन्दा। फिर तो बेरुज़गारी खतम है जी। जिनाने रुज़गार ले एपलाई कीता है उनांदी गिंटी है गिया स� पर सरकार दी सिस्टम दी परशाषन दी नजर चो बेरुजगार नहीं है के उननु बेरुजगारी पता नहीं में साथ जरूर भी इकनों मिलता है अम्रसान जिले दा एक लाल भाधर शास्तरी नादा बनदा है वो पंजाबदे एक अकलोता बेरिजजगार है जिनु सरकारी खजानेच्चों बेरिजजगारी पता मिलता है ये तो पहला भी सीक बनदा मौका दा पिंड पिंड दा बनदा सी नौजवान संदीब सिंग संदीब सिंग नू भी डुगरू पिंड दा नौजवान सी इनु भी � वो कहने जी पेना तो तोड़ा तेन साल नामदर्ज रहना चाहिद है। जे तेन साल तोड़ा नामदर्ज रहेंदा है उतो बात तुसी उस पैमाने ते खरेत रहेंगे। मतलब तेन साल नाम लखा के तुसी कोई रिजगार नहीं करना, काम नहीं करना। तां तुसी बेरिजग जे थोड़े कर्दी आमदन हजार पियें तो उप्पर है मतलब तुसी हर रोज 34 पियें कमा लेता तुसी बेरिजगार नहीं है कि ते 30 पियें तक कमा रहे हो फेर तुआरा मीनेदा हजार पियां बनूगा फेर तुसी इदे दहरे चलूँगा जे हजार तो उपर एकर पियां � बारे नियारे हो जानगे, डेइठ सो रुपिया मीना बेरिजगारी पता है जी पंजापच मतलब ए उनी सो उनासी दे बने हुए नियम ने ग्यारां जनबरी उनी सो उनासी नुए नियम लाकू हुए थी वो तो बात आज तक किनियां सरकारां बनने जी किसे ने नु सोद्धन वो करकर रुजगार दे फारंफुरं भी पराई सी, वो दावे बात ही लेके। मुड़कि किसे नु चेती नहीं है ये बेरुजगार। ये पते दा कोई नियमे नहीं है साथे, कोई सिस्टमे नहीं है। पर वो रुजगार दाफ़त दे वीट मलाजम कानू रख्या भाई ब रिजगार दाप्तर दे बीच सबा लक बदे दा नामदर्ज है पंजाब सलकार दे पोटल है जिथे नौकरियां दे लिए तुसी नाम पा सकते हैं जिकल हाई टेक सिस्टम है ना बदलाली सलकार दा उदे उते भी बाई लक तो बत बाई लक बारा हंजार दे करीब नामदर्ज. [00:20:35] Speaker A: वास नहीं चाल रहा लगदा, law enforcement भालात थे बने हैं।. [00:20:40] Speaker B: बिल्कुल काफी फिकरमंदी अली स्तिती है फूरे दुनियां चे लगपग मामले समने हैं। इससे साड़े पंजाब से भी चेदनार भी मारी स्तिती है जीवन था। मतलब फिरोती आला पहलू एथोने के उथे तक मतलब की जीमें फैल रहे है। उदे उते स्वाल है कि सा� चाहे अध्योग पती ने चाहे तनार लोक ने चाहे बड़े कलाकार ने जा सियासत दान ने वो इन्हां मुलकां करनी नु बदेशन हो इसलिए पर जैसे कि उठे से सरक्खे तरमागे ते पर भूनों उन्हां ले एथे भी यही चणोती है कि एथो भी पता लागता है कि इदरल विल्कुल विल्कुल विल्कुल सारा ग्लोगलाइजेशन है उनता जे. [00:21:36] Speaker A: च दीपक जी दसे हो मिशन ते तिनात फोज्जियां दा सनमान एक खतरा बन गया की विरवाजी है इस खाबर दा. [00:21:43] Speaker B: मैं एक कॉलम पढ़ रहा सीगा जीने पढ़ के मैंनू एह हरानी भी पैदा कीती � फिर शिब जी नर स्वंदत पहाडियां मनिया जानदी हैं उठे कह जी पाकिस्तानी आतवादी कुछ पैट कर रहे हैं फिर मिशन महान देव चलाया है उठे कहा जी के तेन तो पता नहीं पांज आतवादी मारते हो पाकिस्ताना स्वंदत सी गई ये दोए मिशन महान देव त उनानू सनमानत करन दा एक प्रोग्राम रख्या केंदर सरकार ने ते उदे विच अमित शाओराने उना फोजी ज़्वानानू सनमानत कीता। उने दे विच उसनेहा ते ये देन दी कोशीं होंदी है के जड़े साडे फोजी ज़्वान देश दी रख्या ले लडदेने अ� उन्हों मित्शा दे थो सन्मान्त कीता ते उस सन्मान्त ही नहीं कीता वो फोट मां, वो तस्वीरां, वो सारी आख़वारां च, मीडिया च, फिर वो बीडियोग्राफी, फिर टीवी च सारे चैनलां दे प्रसारन हुए। उन कॉलंवनिविश अनिल जैन हुरान मैं पढ़ रह उन्होंने उदारना दिती हैं दो तेनो वो कहेंदे भी जद वो लदेन करे जाके पकसांच लोके हो वेनु मारे आ ते कहेंदे दहाक के बदी नसर नहीं होने दिता के वो ज़वान कौन सीगे एसे तरह कहेंदे के इदराहिल बर्गियां जाओ हुरना मुलकां दियां ज� तुसी जलतक तौरते नम समने लिया रहे हैं तुसी वीडियों दे रूप छ कि आ बन्देने जी एस पोस्टे तेनासी जी एस खेतर तो आओंदा हैं जी असी उता सनमान गिता है तुसी जा कहेंगे उता सारा कुछ जागर करता उते परवार लई ते उते लिए �. [00:24:13] Speaker A: साइकल दे विच चल दी है न एक खबर है होगी जरी सारे पासे चाही होई है चलो उदी गलता करनी करनी है पर जड़े कुछ हे जे नुक्ते हुंदे ने जड़े कई वारी डिसकशन तो कई वारी रह जानते ने या कई वारी ओहो.

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