Why Doesn’t Mann Fight Like Mamata? | Leaders Obsessed With Faces | Courts Get Bomb Threats

January 09, 2026 00:21:54
Why Doesn’t Mann Fight Like Mamata? | Leaders Obsessed With Faces | Courts Get Bomb Threats
Connect Newsroom
Why Doesn’t Mann Fight Like Mamata? | Leaders Obsessed With Faces | Courts Get Bomb Threats

Jan 09 2026 | 00:21:54

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Show Notes

For more insights, listen to the Sver Wala Show on Connect FM 91.5 on weekdays for thorough analysis of key political issues. Subscribe to the Connect Newsroom YouTube channel for the latest updates. On this special Connect FM news discussion, host Vijay Saini speaks with senior journalist Deepak Sharma Chanarthal (India) on the major developments shaping Punjab and North India.

Stay tuned for sharp analysis, ground reports, and in-depth discussion on Punjab politics, governance, and public issues only on Connect FM.

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Episode Transcript

[00:00:00] Speaker A: दीपग जी स्वागता तुआड़ा सत्स्रियकाल जी सत्स्रियकाल. [00:00:04] Speaker B: बिजे जी सारे दर्शकानों स्रोतेनों प्यार परी. [00:00:06] Speaker A: सत्स्रियकाल दीपक जी हर फील्ड दे विचना एक काम हुंदा के जिरे कोई व्यक्ति काम कर रहे हुंदे ने उन्हां दा आपसची कमपेरिजन हुंदा पामे खडारी होन के फलाना खडारी आदां खेरदा एह अदां क्यों नहीं करदा कुछ लोग ब्रॉडकास्टर्स दा भी मुलकाں ना कमपेरिजन हुंदा इसे तरह सियासत दन्ना दी भी तुलना कीती जानती है लोकां वलो ते एक जड़ी गल हुँ एक चर्चा दे विच बनी हुई है भी जीमें बंगाल दे विच मम्ता बैनर जी अड़ जानदेने कई वरी जिस तरह हो अड़ इह दानी चीज़ पंजाब दे विच वेखननु क्यों नहीं मिल दी? क्योंके जड़ी वो बागी तासीर है पंजाब ते बंगाल दी वो बराबर है वो इतिहास उस गल दगवा सो जिए बंगाल दे मुखमंतरी ओहो इन्हां खुलके बोल देनें पंजावाले क्यों �. [00:01:24] Speaker B: تہدر پنجاوڑا خیتر چاہے بندیا گیا پر تصیر اجڑی وہ بلکل ایسے تریکہ کردی ہے کہ جادی دی لڑائی دا خاص کرکے جدو حوالہ آندہ ہے تک کہ شہیدے خلاف لڑنا جدو حوالہ آندہ تا کہا جاندا کہ بنگال تے پنجاوڑے اکو تریکہ کرنا لڑ دے पर स्यासच आके मतलव कैंग्यां दी रीडदी हडी टुट जानदी है कैंग्यां दी रीडदी हडी रहेंदी हो नहीं सो इसलिए फिर उत्थे ये तुलना बहुत आऊखी हो जानदी है जड़ी सवात तुसी कर रहे हो एस समय केंदर दियां जित्थे जित्थे सरकारां नहीं ह परतान मंतरी दे मूतो क्यूं आवे कि डबल इनजनदी सरकार होगी तान तो हटने नहीं फैदा होगा मतलब हर सुबेनिक सरकार चुनी हैं ते केंदर सरकार दी जुम्मे वरी हर सरकार ना तालमिल करना फिर उते डबल आला भार मुझे लगडा के के साड़ वो सरकारां खास करके, मतलब ना तो रास्ट्री पार्टी दे हवाले नाल उस तरीका करदी हैं सरकारांने ते ना वो, मतलब बीजेपी ते जिए कांगरस्पनी पसे छडडों, ता उनां सरकारां दे नाल केंदर के हो जा बतीरा कर रहे हैं, लगपग जेस पीड दे विचों प आज इडी दी रेड पई मम्ता बेनर जी दे सुबेद विच ते ओस रेड दा डट के ब्रोध करने लिए समने आगी भी भी हड़गी तोड़ा पाएगा जी के दस्सा बेच खोर रही है जी इडी दे छपे मारीच कर रही है जी है ना ते जी इडी अदालत पहुंच गी जी मम्ता बेनर जी दे खलाब के लोक महौल एक आपने आपचे जबाब हुँदा है, एक आपने आपचे सभूत हुँदा है, एक पक हुँदा हुँदा है, पर मम्ता बेलर जी कली एसे सारे नहीं कि लोक आगे ते मामला इथी रफा डफा हो गया, वो कहेंदी यमित्शा मेरे कुर तेरे खलाब पेंट ड्रा� वो कहें दी मेरे कोड़ों चोड़ा सरा साथ पेया के कोले दी खांचो की मैं तुसी कमिशन खाने हूँ। एक सुबे दी मुख मंतरी कह रही है। एक पासे कलकता दे विच परदर्शन हो रहे हैं। दूए पासे दिल्ली दे विच ग्रह मंतराले दे दाफतर दे बार टी-म्सी के केंटर जदो जदो हमला हुँदा है, जदो जदो बदीकी हुँदी है, तर तर साड़ी सरकार टुबीट ते, मीडिया दे बियान ते, जान आपा ए कह लिए के जी स्पेशल सेशन बला के, मता पा के, ये लड़ाई लड़ती हैं, पर अकसर गल कीती है न, के स्यासी लड़ एक दिन चे लंता बेनलुजी आगी न कलकते तो लेकर दिल्ली तक अगले न तर्नापल से चुरू करता न क्या जो जेड़े पलेट भरम ते खेटोंगे उससे खलाओंगी कहिंदी तुसी दोज़ेओं के रास्तान मांग, बिहार मांग, हर्याने मांग अइथे भी तक का कर लो सो कटो कट चाहे आपनी निजी स्यासत लेगी चाहे अगली बार दी कुरसी लेगी चाहे सुबे दे हकां लेगी अगली केंटरना आड़ा लेंदी था दिखती है तो जिरे कहने हैं असी अंधोलन चो जनमें असी क्रांती कारी महम चो जनमें असी पिंडां चो आए असी सुबे اک پس او عورت ہے جیڑی کہندیا کہ دلیر شہر نی مانگ لڑدی اک پس ساڈے الا ماسٹر جیڑا مونڈا ہے تے جڑا کینڈر مورے بھی نی کوسک دا، کیجری وال مورے بھی نی کوسک دا تے پھر اسیں جے ممتہ اڑ سک دیئے، ممتہ لڑ سک دیئے تا مکہ منتری بھگوانتو مان کیوں نی کینڈر مورے پینجاب دے مسئلے لی اڑ سک دے، لڑ سک دے ایہ تلنا ہندی رہ گی جناب. [00:06:31] Speaker A: अच्छा दीपक जी एक गल होर जदों सी पिछले दहाक्यां दे विच जे स्यासत वेखिये जदों कई वारी अपनी कोई उपलबदी दिखाओन नु नहीं हुंदी ता लोकां दा त्यान पटकाओन दे लेई बहुत कुछ कीता जानदा सरकारां वलों ए अन्फोर्चुनेटल एहे जी स्यासत असी अफकोर्स परत दे विच देखते हैं पंजाब दे विच भी देखते हैं जिए पंजाब दी स्पैसिफिकली गल करिये जिस तरहनी पूमिका मां एस विले वक्खो-वक्रियां स्यासी तरहनवा आ रही हैं ने उदेनार पंजाब दा महौल साजगार होईग. [00:07:24] Speaker B: साडी मुश्कलां दाई हल खडूगी। इना सुबे दे बकास लेई, रुजगार लेई, आर्थक तरक्की लेई, समाजक तरक्की लेई, ये अपना रोल नवा होगी। इना कोड़ रोशन दमाग लोखने, इना कोड़ अमला फल है, इना कोड़ ताकत है। इसल एसरी है सोचने के दो तरहने हुँदे हैं, सानु फिकर करने लोड़ने हैं, ऐसी अपना रोल न बाता। पर तुहारा सवाल बिल्कुल दरुस्त है कि आज ज़दो मैं पंजापते विच समने उखड के देखता हैं और समुच्ची स्यासी सिस्टम न देखता हैं, समुच् मैं कहना पहला लंभी चोड़ी प्रकेजा चना जाएँ। जदों पंजाब ने कहने के औखा दोर हंडाया। आसी वो समय पहुत छोटी उमर छ सी गए। पर आसी तामी पढ़ते, सुनदे, देखते ते आ मतलव खालडा हो रहने हैं, रपोर्टां दे हिवाले नालते, वो सारे बृतां दे हिवाले नालते, आज जदो तिहास पढ़ते हैं, कताबां पढ़ते हैं, तो जो मलदा क मतलव जे बर्दी पाके भी तुसी अतबाद ही फलोना है जे तुसी गैंक्स्ट्रा मांगे बभ्यार करना था पर लगातरे स्वाल कर दे रहे हैं कि फिरे तरीका कार की है ते ओसे दे विचों मतलव लोकानु के पियस गलते ब्यालसिंग तक चेतेने के भी तुसी सरकारां दे ह ताजा पहलू यह है कि पंजाब ये इस मौके गैंक्स्टर बात दे पहुत बड़े मसले चो लंग रहे हैं। आई दिन कटनामा, ओस दावर नालों भी दुखनिया तिकनिया कटनामा, ओस समय कोई मिशन भी थी, कोई कुछ नहीं, कुछ नहीं। सिर्फ लुटखो के मिशन हैं पर मैं दो तिरानों सुन रहा थी बिजेजी लंगे कल दा हवाला, अर्बिंद केजरी बाल कह रहे हैं के बही गोड़ी का जवाब गोड़ी से मिलेगा, गैंक्स्टरों को मुका देंगे, उनके परवारं तो अंदर डाल देंगे, अर्बिंद केजरी बाल पंजापच करके बो दूए पसे अमरिंदर सिंग राजा बड़िक जड़ा पंजाब कांगरसाप परदाहन है ते जड़ा मतलो के मनरेगा दे मसले ते काट करदा है पर मनरेगा दे मसले ते इक लेन बोलो ते वो तो बात गाँ चलो है न हो उन ता चलो श्रीफतिक साब इखे सहब जड़ीन सवा द मैं कवर करता रहे हूँ उठे स्यासी कौनफरेंस होंदी हैंसी हर लीडर माईक फ़डके इक लेंच सहब जादेयानु ते माता गुझरी जिनो शर्दांजरी देके अगे फिर अपना ओही चूट निरा स्यासी बोलते सी ओसे तरह मरेगा दे उठे कहेंदे जी आसी क मतर राजा बड़िंग दोहरा रहा सी के गोरिंग दा जबाब गोरिंग नाल दे आँगे पूआ होबे, पूपड़ो होबे, चाचा होबे, ताया होबे, गैंक्स्टान जिरा भी रिस्तिदारा ठोक दे आँगे अंदर, चक दे आँगे अंदर, है ना? इह स्वाल है जनाब मे अकाली जलता चलो आपने ही मसलें अंच दो चार हुंदा फिर रहा है ते सत्तातरी तरभी मुख मुद्यां तो पटके किसे होर मुद्यां दे उठे केंदर थोनु फिर दी है पर जैसेना केजरी वाल लाइन टो कर रहे ने ओही लाइन जे राजा बडिंग टो कर रहे ना तर आ ते किजरी बाल जी जे पिंजाब को नहीं समझ देता है बोल बोलेर तो पहले न पढ़ के देख लेना पिंजाब दा इतियास एसलिए ये सवाल पैदा हुनदा के तुसी एस टेकनोलोजी दे जुगदे विच एस तकनीक दे जुगदे विच पिंजाब दा महौल सवारना चाह. [00:11:59] Speaker A: ते दीपक जी जड़े आगू भी आ रहेने तुसी जमें हुण जड़ी आपन गल करके हटे हैं तुसी कहा ना भी लोग सरकार इस करके चुन देने हैं भी साड़ी हैं इस मस्यां वाने ते जड़े जड़े सानु वक्खो-वक्रियां नीतियां ने उननों सुदार के सरकार लगदा थे प्या दीपक जी के मनोरत सारे आगूआँदा इही है भी सीयम दा चेरा बन जी ये बस दोड़ सीयम दी कुरसी ठक दी है उत्तो वगगेदा कोई लोगपलाय यले काम करनदा विजन-विजन कोई नहीं है।. [00:12:37] Speaker B: जदो आमादमी पार्टी दोजार स्तारांच भुरोती तरचाई सी तादे उन्हां दी प्रापती सी के पहली बार कोई ऐदा तेराई होबे जिदे कोई पूरा थले तांचा भी न होबे ते वो चोन लडे ते सिद्धी भुरोती तरदे वे चाज़वे ठीक ठाक सीठां लेके पर उदे भावजूद भी उस पार्टी जीने भी चौन लड़ी सी ना बिजे जी हर कोई मुखमंतरी बंद ले चावान नल चौन लड़ी सी ते तां इसलिए उगरुदी तर बंद के भी कुछ नी सी चौन जित के भी कुछ नी सी ओ हाल आजदी तरीक दे विच फेर हावी है पंजापते ले दे के जे को� के कोई गलनी बापू दे हुंदे ता बारी नहीं आई हूँ ता अपने कोई चेलेंज है नहीं का जड़े मड़े बड़े सी आपा खुडे लाए होगे ने बार कीते होगे ने है ना अपा कले हैं जे आगी ता अपा बना ना आगी ता अपा बने हुए हैं जो है गिया आज फिर बलाचौर तो ले के रेलिया हो रही हैं जी एक कथां सुगींदरन दावा बोल रहा है आसी कोई नहीं बनना जी किसेने मुखमंतरी है ना आसी ता जी बस सरकार बननी हैं बगेल सहब साडडे चो मुखमंतरी ता कोई लड़ाई नहीं जीनों मरजी बना देओ मतलू � जदों एमले जितके आ जान, बाव मत जोगे, उनादी बैठक चे कहो गल, के जी आसी ता एक मुद्देयाल ही आये हैं, जीनु मरजी साडा लीडर चुन लो बदा एकडाल दा, बनालो जीनु मुखमंतरी, आजे तुसी एमले नी पिंड बसे आनी, है ना, गला क आसी मुखमंतरी दी कोई लड़ाई नहीं जी साथेच मैं नहीं बनना मुखमंतरी ना बनायो मैंनु पंजाप दे मुद्धाली जड़ा लडू जड़ा मरजी बन जबे पर लंगे दिनी वोही भी कह रहे सी कि जड़ा अपने आपनु पेश कर रहे अभी वो भी ठीक नहीं मतल ते एक केड़े हैंसला जना सुभी पहले ही हैं थोड़े कुण कोई सभूत तातकीन हैं जिते दारते सुभी ये बोल ली जाने हुँ मुखमंतरी दे छेरे कांगरज सबतो भदने इदी गाला पर लगातर करते हैं पर मसला तो सत्तातरी तिर्चा के पेश पस ग सत्तातारीत दे विच जिस कदर कारपट कराना हाबी हो रहे हैं जिस तरहं बपारी बर्ग हाबी हो रहे हैं देखो एक पासे पहलू बन दाए के पंजाब च जट सिख दा दावदवाए जट सिख चो ही मुक्मांतरी बन दाए سنیل جاکھڑے دلت چکی پھردے ہوئے بی جے پی تک چلے گئے کہ میں بندہ بندہ رہ گیا جی میرے بارے کہہ کی روکتہ جدو کہہ جی کوئی پہلوں نہیں سی دوئے بس کدھے ہام آدمی پارٹی کدھے بی جے پی ایس نکتے تے جانو پھرتی ہے کہ پنجاب چے تی بتی پرسنٹ ہندو ہے گا جی تی بتی تے تی پرسنٹ دلت پائیچہ رہ گا اندرنوں چلے جائیے انہوں تے حوالے نا جائیے پر اج اک نمے ن के पंजाब च 42-43% बपारी बर्ग है गा उन बपारी बर्ग च कला शेहरी और हिंदू बर्ग नहीं हैं बपारी बर्ग च छोटे दकांदार तो लेके छोटे कारीगर तो लेके बडियां तिरां सबनों मिला रहे हैं उच बखो बख मतलब पिंडाने लोक बखो बख शेहर ये ओबराल ओनो एक बोट मेंक बना के अगे बतन दी क्वैच नजरा रही है। हुँ ही थोड़ा मतलों के किसे अध्योग पती नू दिल्ली भी पेज़ दो थे जित ठाओ होई के लो जी थोड़ जो पेज़ा जाते के पैसे दी खनकर अने सारे पर संजी के अगली बार चेरे दे उठे लड़ाई पगवांतमान दे नाते हो बेते मुख्वांतरी दा सेरा केजरी बार संजीबी रोडा से जाना पिरते हून। ए भी अंदर जल पीगा। सो इसलिए इथे भी मुख्वांतरी दे चेरे दा मसला कड़ा है के किते बीसो साही जे बदलता मैं ही परमानत चे रहा हैं लोग मेरे नाल ने केजरी बाल जी पले खेच ना रहे हो किते वो ये भी जचाउन दियें पोशा कर देनें केजरी बाल ने समने बार-बार कि उननानों वे जचाउना पहरे हैं कि उननानों संजीब रोडा तो चणवती मिल रही हैं कि केजरी बाल क� पर हुना सत तडमीने जड़े रह गे ता लंग जाने हैं पग़ांत मानची दे बतोर मुक्वंतरी पहला अगरी बार ली उन्हांनु भी चनोती हैं वो भी मुक्वंतरी दे चेर दी दोड़ दे विच नवे सिर्यों शामल होनगे क्योंके संजीव रोडा नुन टकर दिंदा मिलکुल जी लगातार इह मामला रुक नहीं रहा पहला आपां सचकंट्री दिर्वार साफ़ दे हिवालिनार भी गलती थी फिर स्कूलां दी बारी आउन लग पी जी अमरत सारदा मामला जिलंदरदा मामला पत्यालेंदा मामला जी फिर आपां चंडीगर्ड दी कदालत � देश दे सत सुब्बियानी आदालता नू इको दिन इको समय इमेल दे रही उडाओंग दियां तमकी परियां इमेल साओंदियाने और इमेल भी अदकारत इमेल ते इमेल आओंदियाने स्वाल यह है कि जेकर जिनने दर्बार साफ़ दे बारे कुछ गलत बीडियो बना के पाइंयां, AI नल बना के जा फिर उन्हांने उड़ाओन दियें तमकियां, इमेल ते पेजियां, जि उठे तक सिस्टम साडा पहुंच आ हुंदा, उनने नकेल कसी हुंदी, कटायरच खड पर स्कूलां दी बारी है था सी स्कूल खाली करोँ गए, सानु e-mail ते ज़िकीन सी, अपनी security ते, अपनी सिस्टम ते ज़िकीन नहीं सी था मतलों। इथा मतलों कितना किते कमजोरीं हैं गियां, तान सानु शंके जोबे के कुछ भी हो सकते हैं। इतना मतलव साटियां आजंसीयां कुल और रपोर्ट नहीं हैं जो उन्हांदी यह तक पहुंच है वो सिस्टम चाहिए हम उदन भी गल कर रहे सी के जे ये दे बिछे कोई शरारत कर रहे हैं तामी साटी नकामी हैं ते जे सच मुझ कोई साट नल खेड रहे हैं तामी स बिजे जी कीमें हो सकता है के तुहाड़े दर्जना स्कूलानु इमेल दियें तमकियां आ जान। तुसी स्कूल खाली करा के जाँच करालमों। तुसी कहों जी आसी कारबाई कर रहे हैं। अजे तक लोकानु कटसाच पता ही न लगे। अजे तक कोई बंदा कटेरे चिना वे इना अदालतानु कमप्लेक्सानु खाली करणा पाइगा है क्योंके इमेल आगी। मतलब केस भी रूके, सुनभाई भी रूकी, भकीलाने चैम्बर भी खाली होगे, टाइपिस्ताने खोखे भी खाली होगे, लोकानु बार कर दिता गया, छत्तां तो लेके, टैंकियां तक, ब इह मामला कला पंजाब दालता तक नहीं सी हमाचल दी हाई कोटनों डाउन दी तमकी इससे तरह पतनां दी दालतनों डाउन दी तमकी सो पंजाब, चतिसगड, मदपरदेश, बिहार, उरीसा, केरला हमाचल मतलब इनहां सत सुबें दे करीब जडियां इमेल परियां तमकिया इस जुखेच जिह आसी एभी ट्रेक नहीं है ता कर पारे के इमेल आ किठ हो रही है, कौन कर रहे है, उदे पिछे मनचा की है और आसी लोकानों जखीन नहीं दवा पारे के फीक नहीं जाए, असली नहीं जाए, केड़ी तरदियान नहीं है, इदे बिछे की शाजश है, की मन�. [00:21:33] Speaker A: जी टेकनोलोजी दा पंगा ही है जी जड़े साडे सरकारी तंतरने साड़ी लाउन्फोर्स्मेंट कनूणी परनाली बहुत पिछे रह जानदी है जड़े ठागने वो किते अगे निकल जानते नहीं जी दीपक जी समा देन लिए बहुत बहुत तानवाद अगले ह.

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