Episode Transcript
[00:00:00] Speaker A: दीपक जी स्वागता तुआडा सत्रियकाल जी सत्रियकाल.
[00:00:03] Speaker B: भीज़े जी सारे दर्शकानों स्रोतेनों प्यारपरी सत्रिकाल.
[00:00:06] Speaker A: दीपक जी चटका मीटाले मामले ते मान सरकार किर गईया की चाल दा प्या?
[00:00:11] Speaker B: बिलकुल जी एक पसे ता चटका मीटाले मसले दे उठे पंजाब दी सरका शिहीदी दिहारे दे संदर्भ दे विच पंजाप सरकार ने शिननादपूर साहब बिखे समाग में रखे जिनु लेके स्जीपी सी और सरकार च कुछ टकराब ही नजराया है सी के तार्मक कमाच दे खल है ते वो सब दे बापजूद भी ओठे बिदानसवादा एक सेट लग ग उस तरहां एहम फैंसला है लिया गया कि कुछ ता करके जाईए, दसननु तो ही ये की कीता है। फिर उस फैंसला लिया थी कि आसी जी तरवंडी साबों नु, शिनादपूर साब नु, ते अमरत सर्दे, ओस गुरु करदे आले जाले दे, गल्यारे नु, चुघर्दे नु, है ते जिसते पिर स्वाल भी उठ्या जी के कटो कट प्रातन अमर सर शहर नो देंदे जड़े गेटां दे अंदर वो प्राने दर्बाजे ने उना दे अंदर जड़ा शहर होंदा है जे पूरे नो देना उनु ता देजेंदे फिर स्पीकर साहब नेन दुरुस्त भी कीता हुण एस तहत इदा मतलब तिन शहरां तुसी पवितर शहरां दर्जा देने दा फैंसल आ गीता बदानसबादे विचरी नंदपुरसाव हुई। फिर उदा नोटिफिकेशन हो गया। जद उदा नोटिफिकेशन हो गया ता नोटिफिकेशन च आ गया भी के मीट, जर्दा इस संसारे दे विच सही लग गया भी कि कदम दुरुस्त है। दूसरे पासे इदे विच एक नुक्ता जड़ा आया। वो बिबी किरन जोत कौर हुरा ने बखेला तारत एक लंभी चोडी पोस्ट पाके स्वाल कड़ा कीता। के भी तुसी पवितर नगरी वरगा कारज कर रहे हो ये चंगी गला है तुसी तमाखु बीडी सेगट जड़ियां जीजां सिख्खी दे विच नहीं है गियां उननानु है ना बार करन दी कवयत कीती है ये चंगा कदम है पर वो कहेंदे भी तुसी चटका मीठनु किमें � वो कहेंदे भी बकायदा तौर ते 1935 दे विच ता चटका कॉंप्रेंस होई सी फिर हमतर जिहा कुछ पहला में कदे कोई चोई होई गी ता वोदा हबाला के चटका कॉंप्रेंस करनी भाई सी फिर उन्हांने गुरू साहब दे कालनिया कही साक्खियां दे हवालें उदारना शीरी गुर्णानक देब जी कुरक्षे तरसी के जी जदों मतलव जड़ा लगदा गरहन जी ते ओ समय नोने फेर हेरन रिन्या क्या लो देखो भी रिज रहा है के तुझी कहनो एस समय च खाना नी पकाणा नी कुछ है न फिर नोने गुरु साप दियां होर मतलव कट पिर तुसी इनों दूर करके अच्छे एक तरीका कारणार बतल ब्रामनवाद जड़ी विचारता रहा उदे विचे सारी आँचीजा नहीं है कि कहन तुसी वो सिख्ही ते लगू करना चाओने हैं।.
[00:03:43] Speaker A: जी।.
[00:03:44] Speaker B: होने इदे विच एक पहलू जड़ा एही है के बीबी कि के सिखी दे विच एगाल परमानत तोर देवते है जी के आ बाकी बराईन्यां तो दूर रहना है। खास कर जदो अमरत तरी सिख होगे फिर तां बिलकुल भी तुसी इनना चीजांद नेडे नहीं आ सकते। पर इदे विच मीट नू लेके भी दो तारहमा चल दी आने आजे भ ते दूसरे पासे यह हवाना जड़ा कुरुसाल दे फंस बिना कुछ तिरह कहती नहीं है कि नहीं ये परवान है जी कोई मसला नहीं गा, उने दो तारी जड़ा पहलू है उदे विच फिर जड़े ता नहीं खांदे हो ता नहीं खांदे, अमरत शक्के भी जा अमरत शक जड़े खांदेने उनाज कहीं कहेंदे भी जदो ये परमानत है फिर सानों अमरत शक्या जा नहीं शक्या फिर इदे नार कोई मसल नहीं है अमरत शक्ये भी हसी एक खा सकते हैं इसलिए सानों कोई लखोन नहीं कहीं अमरत शक्ये फिर थोड़ा वो ता ओला रखे खांदेने सो के भी तुसी जड़ा पवितर शहत दर्जे दे चकर च एबार कर रहे हूं। दूसरे पासे एसे तरीका कार दे हवाले नाल केर स्जीपीसी भी गई। के भी तुसी ता तै करो बीबी किरन्जोत कोर स्जीपीसी दी मेंबर है। वो किसे समय स्जीपीसी दे विच जैनुकस कतर � जी वो आज बोल रही है ता पिर स्जीपीसी क्यों चुप है क्योंके स्जीपीसी दी कार जबीदा दे विच बीबी मजूदा तरदे समने खड़ी है ते एसलिए उनना नल जी राबता नहीं है ता इतना मतलग स्जीपीसी नुवे इस मसले दे जवाब देना चाहिए था बीब जीका कुछ कारोबारीयानने भी मारीयानने, चाहे वो बीडी सिकेट बेचनाले होन, चाहे वो शराब बेचनाले होन, चाहे वो मीट दियां, रेडियां, फडियां, होटलांडा बियाले होन, वोनने नहीं मारीयान, और उदे विचे यह नहीं कहा कि कुछ खास, तरम, जात, के भी मतलब के जे करें वो कहने भी कालू सी सारे आपा पंजाब दे विच गुरुसाब तो बिना केड़ी थां सखनी हैं जिथे उन्हें दे चर नहीं पहे हैं जड़ा खित्रनों तो प्रवाबत नहीं का फिर ओ अपना तरीक का कारना स्वाल कड़े करें ने पर जड़ ये इसने पंजाप सरकार नू भी कटेरेच ले आनता है तो चटका कितना किते स्जीपीस नू भी दिता है के बाई तुसी भी थोनू भी रुना है के दाओ जवाब तो हटा है जट तरकी है सो मिलादा आँदे समय तो भी बैज सेर सकती है पर बीबी दी गाल लजे किसेने ओमे.
[00:07:15] Speaker A: ते धीपक जी जत्हेदार गडगज ने लिखी चिठी ते चिठीनों लेके उन्हां ते वो सवालां दे दाईरेज किर गेने ए मामला भी दोसे हो किया।.
[00:07:23] Speaker B: पिछले दिनी ग्यानी कलदीप सिंग गडगाज जहुरा ने तौड़े त्यान चुना के सिख जड़े मेंबर पार के भी तुसी जड़ा केंदर बनो सहबजादेयानी शहादत दे दिहारेयानुं बीर बाल दिपस बजो मनाओने दा फैंसला कीता है। वो उससे भ्रोत प्रक्ताओ ते भ्रोत प्रक्ताओ के तुसी नुन दर्ज कराओ के भी साडे लिए शिहीदी सभा है शिहीदी मेल दा दे बाल शब्द दे नाल सारे नु समझें जाओंदा है कि तुसी इननु केटी कैडा करीच रखना चाहूने हैं। जद आपा पहलां भी दिन गल कर चुके के सिखी फलस्पे दे विच तां जिरा सानु ज्यान देनारी शक्षियत हो बे जितो सानु सेध मिल दी हो बे है ना � तो पर तुसी उत्से नुन भीरबाल देशते हवारेनाल एक बखरी अपनेली बिचारता राज फिट करना चाहने हो। एसनु लेके जस्त धर्ग्यानी कलदीप सिंग गड़गाज जोराने सिक मेंबर पारलीमेंटानु खास करके भुकम चाड़े आ, के भी आ तुहांनु चथ जेत जड़ी चिठी लिखी हो चिठी लिखी हैं बल्वान सिंग राजवाना हो रहे हैं बल्वान सिंग राजवाना कहेंदे बही काल तक साप तो मिनत तरले कहतो होन लगपे हैं अपीलां कहतो होन लगपे हैं शरी काल तक साप तो हुकम हुंदा है ते एसलिए कहेंदे के की य सवाल अथिया के खड़ा होया के एकता जदों दे गयानी कल्दीप सिंगर्गाच जतसिदारी समभाल गया उनने तर तो मंतरीयां संतरीयां मांग भी गति-बिति करते हैं रोज दी डेहरी देखके कि आज किड़ा बियां जारी करती है किड़ा सुष्यल मिडिया ते चर्चा च جہاں قوم دے مورے کوئی بڑی چنوتی آ کھلوتی ہو دے ویچ اگبائی کرنی ہے جہاں کوئی خاص مسئلہ جہاں بن گیا جدے اتے نوٹس لینا جروری ہو جندہ ہے جہاں ہوا ہے اے نہیں گا کہ تسی روج مرہ دے کمہ دے ویچ ایس طریقہ کارناڑ سامنے ہوں او دے لئے شرومنی کمیٹی ہے او دے لئے باقی ساریاں تیرانے بنتک سنستاں مانے ہو ہے سو ایس طریقہ کارناڑ بھی کوئی تیرا سوال کھڑے کر बिजे जी स्जीपीसी ने बंदी सिंगां दी रिहाई दे लिए दसकत महम छड़ी पंडां बन के दसकतां दियां कठे होगे ते उदे उते स्जीपीसी आज तक पुछन नहीं गई कि की बने आसी वो दसकत अले चकी फरदे हैं जो सारा कुछ सारी सुनवाई क्यों ते आज मतलब समां भी नहीं मिल दा तौन तोड़नू मतलब के दिली जाके है न तुसी पंदी सिंगान दे मसले ते गल करना चाओ नहीं हो और सिक मसलें ते समां मिलत जुनदा जतसेदार सहवान दी इस चिठ्ठीन लेके राजौनों दे नाले के नमी चर्छा छड़ भी कुछ थिरा कहनी है भी के ये बेरोडा बबाद करा कीता जा रहा है कुछ थिरा कहनी है के नहीं भी क्योंके राजौनों ने चिठ्ठीच भी किया के कटो कट जे लिखन ल वो चिठी ता असर हसी एनना के देखा के पंजापदे मेंबर पारलीमेंटा ने मुद्धा संसच चुक गया। पर की होना नहीं चिठी दे हिवाले लाल जहतर साभनु दसन ले ही जाँ पंजापदे लोका मुरे सची होनली हो मुद्धा चुक गया। जाँ मड़ा मुट की सुमुची काउमनु लेके इस मसले ते एगवाई नहीं हो सकती थी, इस मसले ते समझा है नहीं ही आसाल थी के भार-भार जान बुचके बगार क्यों पाई जान देने, चाहे पंजाब दे हवाले नाल, चाहे पंस दे हवाले नाल, चाहे काउम दे मसले दे हवाले न कि कठया होके SGPC, पन्थक जमात, राइन्थिक जमात कठया होके केंदर मुरी एक बार कहनी सकती के बार बार क्यों चूनिया बडबड देखते हैं उसलों, बार बार क्यों आडलेने हो, असी छेड़िया बिना छेड़ियांसी किसे नु कुछ नी कहेंदे दे छेड� पर जदों आसी आपसी बिवादां जुड़ जाँगे ता किन दोनों हमले करने होर मौके मिलते हैं। सोँण ए चिठी तो बाद नवी चर्चा स्वेर तक की शड़ दिया देखते हैं। जस्तितार सहवांदा जे कोई सिद्धा प्रती करमे.
[00:12:34] Speaker A: ते नहीं आया पर ए चिठी चर्च.
[00:12:46] Speaker B: खेंदे जी वो मनरेगा नू जड़ा जी राम जी जी बनाता वो रोकवाल नाम है। खेंदे जी आएं नहीं होनी बंदे। मतलब बड़ी छीती सद लिया जनावी जलास। संसत दे विच मनरेगा दा नाम बदलता चलो आपा कहती है नाम ला भी अड़ा-अड़ा मसला नह इस तरीका कारने उठे जदो देशपर्दे विच बिरोदी तरकेनी आसी परदर्शन करांगे जी आसी इतराज जतां मांगे जी ते उदे विच सुब्बियानी जुम्मेबारी भी कुछ बन दी है सुबे एस नाल जित्थे काम तो बांजे होंगे पिंडां दे कमा ते असर पहेगा क्योंके इदे नाल जिननिया पिंडां च मारीयां मोटियां टाइलां तुलनियां लगदियां देखियां सारीयां मन्रेगा ताहे ते लगदियां सुबा सरकारांने कोई बढ़र नहीं दे हुण इस नमी जोजनाते तहत तान लगूगा है सहरा कुछ जे पंजाब दा सुबा जा जेड़ा भी सुबा मन्रिगा तहत काम करना चाऊगा मतलब जीराम जी जीराही काम करना चाऊगा हुनु 40% आप हिस्सा पनापवगा अगे 90-80 के कुल खर्चे दा 90% केंदर दिनदासी 10% हुण ए सालेयां दे लिए सुब्यानु फिर जाता जस दिन दाई मुद्धा चर्चा चाहे सी उस दिन दाई भिरोध करा करना चाहिदा सी हुण आगलेयाने तक्केनल पास भी कर लिया भिरोध दी तर कहनी रही के वी स्टेंडिंग कमिटी नु पेजदो एनी कहाल कादी है पर جے آگ لگی ہو گے تا پانی جدے پونا پیندا ہے، جے سارا سمان سڑن توں بعد پانی پونا پھر تا راکھ بن جاندی ہے، سباہ بن جاندی ہے، تے اوچھو توں ہی نکلدا پھر پانی پائیں، تے اگر تسیں اینہ بخبہ جرنت بلاؤ बालकी मैंना कहना के कैबिलेट दी बैटक करो मैंता कहना तुसी सरम तली बैटक बलाओ मैंता कहना जिना जिना सुबयां दे विच मतलब पाजपादियां सरकारां नहीं आओना सारे सुबयां नर रापता करो क्योंके NDH नतीश भी है का NDH चंदर बागू नाईडू भ पर इजलास बलाया इदनी तानवाद, इदेनार चर्चा जुरूर होईगी, क्याल जुरूर तुरेगी, कोई मता जुरूर पहेगा, पोर नीता राजपाल तक्के जाएगा, मीडियाच खभराई लगन गिया, पर जनाब जतो तुहनू भी पता है, के तुहाड़े एस तो सत्रने चो जंबी पार्टी हो, तो हमनु ता आहूँदा है किजरी वाल अरजागी लेके दिली दे फुटपासाल दे पहंदा रहे हूँ पंजावली पवे न, जितो सारी पार्टी जलदी है, जितो सारा कुछ जलदा है तो इसलिए जिता लाइन्टिक लडाई नटनदा दाम है जनाब फिर तह सेशन बलाउनदा कोई फ़ैद है जे सिर्फ पंजाब दे लोकानों भी दिखाओना है कि नहीं देखो जी मैं ता मज़दूराल किरतियां दे लेखी पिंडां दे लेखी आवाज बढ़ रहे हैं त.
[00:16:25] Speaker A: दीपग जी मजीठिया ते पुलर दी जमानत दा मामला ते उदनों सुप्रीम कोड इदे बारे वेर वेसांजे करेओ।.
[00:16:33] Speaker B: बिलकुल जी आज सुप्रीम कोड जमानत एकासी चर्चा रही। बैसे ता पिछले कुछ दिनां तो लगातर मसला चल रहे सी अमरत पाल सिंगोरांदा के � इतली दालते जाओ जे उत्तो नहीं कुछ हुगा फिर आसी दिखांगे तो उत्ते उन्हांने कल कहता जी के इता नवेडा कर दिने है जी एफाईल ता नवेडा हो गया जी ये मसले ता क्योंके जी समय सिर्फ गले नहीं हो सकी वकीलानी हरताल करके कुछ होये नहीं जी कल फैसल आज फिर दो मामले सप्रीम कोड दे आए। हर्चान सिंख पुलर उनने पिछले दनी थोड़ी जी दालत तो रहात मिली सी जदो उनने कुछ खाते आनु खुलने दी जाज़त मिलकी कि टबर खाते बरस सकता है। वो फिर कहीं बार बंदेन लगता है कि गलैबी पौंचा फटके उंगल फटनारी गल। वो कहते कि गलैबी ते सप्रीम कोट ने हर्चार सिंग पुलर नू ब्रांगल फापे मांग वापस पेछता वो कहने थे चलो जी तोहाड़ी अर्जी ते कोई संभाई नहीं हो सकती तोहाड़ी प्रिशन ते कोई संभाई नहीं हो सकती कोरा इंकार करता कि सीवे ही अपने तरिकाना देख रही है ज हेटली अदालतों जद वो खैर नहीं पही सी बिक्रम जीतियानों दे मामले जे लगातर फैसला नहीं हो पारे आसी लटके आ जा रहे सी ते लगातर सता तरी तर एए परचार रही है के आसी उननों नशेरे मामले जे पर देखो जी बड़ा तसकर फड़े है जदों के नशे ते हेटली दाल तो जद नहीं खैर नहीं पहिता नोने सप्रीम कोड़ दा रुख कीता जमानत ले, मान जो सप्रीम कोड़ ने पंजाब सरकार नों चार हब्तें से कहा भी अपना जवाब दाकल करो, चार हब्तें से जवाब दा मतलब चार हब्तें से जमानत नहीं मिलती हुण छार हबते वाल सुनवाई होगी वो समय जवाब की दाखल कर दिया पिंजाब सरकार। वो देखनाली होगा। उतो वाल फिर फैसल हो सकता है। सो हुण नमें साल दी उननी जनबरी नू लगपग जाके ए तरीक तैह हुई है कि उननी जनबरी नू विकरम जीठिया दी प.
[00:19:19] Speaker A: जी तीपक जी समाधें ली बहुत तानवाद सोंवार नु फिर गल कर देनी तोड़ा वीकन कुछ गवार रहे थेंक यू सत्रिकाल जी.